बीजापुर: बीजापुर जिले के मद्देड़ थाना क्षेत्र में इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान के बफर क्षेत्र में स्थित बंदेपारा-कोरंजेड के जंगलों में रविवार को नक्सलियों से हुए मुठभेड़ में दो महिला सहित पांच नक्सलियों को सुरक्षा बल ने ढेर कर दिया है।मुठभेड़ स्थल से पांचों नक्सलियों के शव समेत एक सेल्फ लोडिंग रायफल (एसएलआर), एक 12 बोर बंदूक, दो सिंगल शाट रायफल, एक बैरल ग्रेनेड लांचर (बीजीएल), एक देशी भरमार बंदूक सहित विस्फोटक मिला है।
पुलिस अधीक्षक जितेंद्र यादव ने बताया कि नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना पर सुरक्षा बल की टीम माओवादी विरोधी अभियान पर रवाना हुई थी। अभियान के दौरान रविवार की सुबह से बंदेपारा-कोरंजेड़ के जंगल में सुरक्षा बल और नक्सलियों के बीच शाम तीन–चार बजे तक रुक रुक कर मुठभेड़ होती रही।
इसके बाद सुरक्षा बल को भारी पड़ता देख नक्सली भाग खड़े हुए। मारे गए नक्सलियों की पहचान की जा रही है।
12 दिन में 11 नक्सली ढेर
एक माह पहले बस्तर पहुंचे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने स्पष्ट कर दिया था वर्ष 2026 तक नक्सलियों का संपूर्ण सफाया करने के लक्ष्य के साथ नक्सलियों के विरुद्ध अभियान तेज किया जाएगा इसके बाद 12 दिन के भीतर अब तक 11 नक्सलियों को ढेर कर दिया गया है। पिछले वर्ष 217 नक्सलियों के शव मिले थे। यद्यपि नक्सलियों की स्वीकारोक्ति के अनुसार 236 नक्सली मारे गए थे।
आत्मसमर्पण करें नक्सली, वरना छोड़ेंगे नहीं
पुलिस महानिरीक्षक बस्तर क्षेत्र सुंदरराज पी. ने कहा कि नक्सलियों के पिछले एक वर्ष में सुरक्षा बल को नक्सलियों के विरुद्ध अभियान में लगातार सफलता मिली है। इस वर्ष नए कैंपों की स्थापना के बाद से अभियान और भी तेज होंगें नक्सलियों के सामने अब आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटना ही विकल्प है, वरना सुरक्षा बल के जवान उन्हें छोड़ेंगे नहीं।
सुरक्षा बल से डरकर आठ लाख के इनामी नक्सली ने किया आत्मसमर्पण
इससे पहले बीजापुर में सुरक्षा बल के अभियान से डरकर आठ लाख रुपये के इनामी डिविजनल कमेटी सदस्य नक्सली 62 वर्षीय माचा सोमैया ने शनिवार को तेलंगाना पुलिस के सामने समर्पण कर दिया। वह तेलंगाना के भूपालपल्ली मंडल के पंबापुर गांव का रहने वाला है। आत्मसमर्पित नक्सली माचा ने बताया कि छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बल के दर्जनों कैंप लगातार नक्सल क्षेत्रों में खुलने से संगठन का प्रभाव कम हुआ है।
साथ ही सुरक्षा बल की ओर से वर्ष 2024 में 200 से अधिक नक्सलियों को मुठभेड़ में मारा गया है। इसमें कई बड़े नक्सली नेता मारे गए हैं। वह अब बूढ़ा और बीमार भी रहने लगा था, इसलिए शीर्ष नक्सल संगठन से पूछकर उसने आत्मसमर्पण करने का निर्णय लिया है।
माचा ने बताया कि छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बल के अभियान और साथ ही विकास कार्यों से नक्सलियों का जनाधार भी घटा है। कई बड़े नक्सली अब आत्समपर्ण करने का विचार बना रहे हैं।


