आईएमएफ (IMF) की डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर गीता गोपीनाथ के कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती इकोनॉमी बना हुआ है. लेकिन 2047 तक 10 ट्रिलियन डॉलर की डेवलपड इकोनॉमी बनने के लक्ष्य को हासिल करने और विकास को तेज करने के लिए देश को और बड़े संरचनात्मक सुधारों की जरूरत होगी. उन्होंने आगे कहा कि हाल के महीनों में भारत की ग्रोथ रेट धीमा होने की वजह चुनाव के कारण सार्वजनिक निवेश में कमी आना था.
बुनियादी ढांचे के निवेश पर फोकस करना होगा
2047 तक 10 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाना लक्ष्य
आईएमएफ की डिप्टी चीफ के अनुसार भारत का महत्वाकांक्षी लक्ष्य 2047 तक 10 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनना है, जो फिलहाल बहुत दूर की बात है, क्योंकि दुनिया स्थिर नहीं है. इस टारगेट को हासिल करने के लिए पिछले दशक में हमने जो देखा है, उससे कहीं ज्यादा बड़े स्ट्रक्चरल सुधारों की जरूरत होगी. गोपीनाथ के अनुसार, ग्लोबल इकोनॉमी 3.3 प्रतिशत की तय गति से बढ़ रही है, लेकिन प्रमुख इकोनॉमी अलग-अलग रास्ते पर जा रही हैं.
उन्होंने आगे बताया कि अमेरिकी इकोनॉमी मजबूत है, जबकि यूरोप चुनौतियों का सामना कर रहा है. चीन की इकोनॉमी भी समस्याओं का सामना कर रही है और उसे अपने प्रॉपर्टी सेक्टर और घरेलू मांग को बढ़ावा देने की जरूरत है. इंडियन इकोनॉमी के चालू वित्त वर्ष में 6.4 प्रतिशत की गति से बढ़ने का अनुमान है. वित्त वर्ष 25 की दूसरी तिमाही में देश की जीडीपी 5.4 प्रतिशत की गति से बढ़ी थी.


