
77वां गणतंत्र दिवस: आत्मनिर्भर भारत की पहचान बनता खादी राष्ट्रीय ध्वज
भारत 26 जनवरी 2026 को अपना 77वां गणतंत्र दिवस पूरे गौरव और राष्ट्रभक्ति के साथ मनाने जा रहा है। यह दिन हमें हमारे संविधान, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और देश की एकता का स्मरण कराता है। इस पावन अवसर पर देशभर में तिरंगा फहराया जाएगा, लेकिन खास बात यह है कि राष्ट्रीय ध्वज के लिए केवल खादी का ही उपयोग अनिवार्य किया गया है।
खादी केवल एक कपड़ा नहीं, बल्कि यह महात्मा गांधी के स्वदेशी आंदोलन, आत्मनिर्भरता और सादगी की पहचान है। खादी राष्ट्रीय ध्वज न सिर्फ देश की गरिमा का प्रतीक है, बल्कि लाखों ग्रामीण कारीगरों और बुनकरों की आजीविका का आधार भी है। खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि वे राष्ट्रीय ध्वज केवल अधिकृत केंद्रों से ही खरीदें।
इस वर्ष गणतंत्र दिवस पर कच्छ में विश्व का सबसे बड़ा खादी राष्ट्रीय ध्वज समारोह आयोजित होने जा रहा है, जिसे हमारी वीर भारतीय सेना के हाथों समर्पित किया जाएगा। यह आयोजन देश की सैन्य शक्ति, आत्मनिर्भर भारत अभियान और स्वदेशी उत्पादों के सम्मान का प्रतीक बनेगा।
खादी का उपयोग न केवल राष्ट्रप्रेम को दर्शाता है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीण रोजगार और आर्थिक मजबूती को भी बढ़ावा देता है। हर नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह तिरंगे का सम्मान करे और खादी को अपनाकर देश के विकास में अपनी भागीदारी निभाए।
जय तिरंगा | जय खादी | जय भारत


