रायपुर नगर निगम के प्रमुख चौकों का हाल बेहाल — नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी
बाबाजी न्यूज़ रायपुर –_-नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने आज स्वयं रायपुर राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों के चौकों का निरीक्षण किया और पाया कि रायपुर स्मार्ट सिटी की ट्रिपल इंजन की सरकार को एक साल सिर्फ झूठे वादे बोलते हुय हो गए
जनता को सिर्फ अंधेरे में रख कर अपनी वाहवाही लूट रही है
केवल चौक चौराहों के नाम पर खाना पूर्ति हो रही हैं न सफाई हो रही है न ही बिजली की व्यवस्था है
सब में अंधेरा पसरा हुआ है जो कि गैर जिम्मेदारी को दर्शाया है
चौक चौराहों से नगर निगम की एक अलग पहचान होती है आज रायपुर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने स्वयं चौको का निरीक्षण किया
महतारी चौक कलेक्ट्रेट परिसर जहां नगर निगम सहित जिला प्रशासन के अधिकारी कर्मचारियों का आना-जाना लगा रहता है उस चौक की ऐसी दुर्दशा हो रही है की रात में लाइट तक नहीं जल रही है मिनीमाता चौक पुराने पंडरी बस स्टैंड जिनके नाम से छत्तीसगढ़ की एक अलग पहचान है हमारे छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद होने का खिताब स्वर्गीय मिनी माताजी के नाम है उनके चौक की ऐसी दुर्दशा समझ से परे है
संत कबीर चौक सिविल लाइन का वह एरिया जहां से प्रशासनिक अधिकारियों का आना-जाना लगा रहता है कबीर चौक के नाम से मशहूर चौक आज रात्रि में जहां नगर निगम लाइट की व्यवस्था तक नहीं कर पा रहा है
यह हमारी ट्रिपल इंजन की सरकार की देन है
कचहरी चौक स्थित शास्त्री चौक लाल बहादुर शास्त्री जी के नाम से विख्यात इस चौक की दुर्दशा नगर निगम की व्यवस्था की पोल खोल रही है
कटोरा तालाब स्थित गडवा नवा छत्तीसगढ़ चौक
भारत माता चौक ट्रिपल इंजन की सरकार कि किसी भी प्रकार की बैठक हो सबसे पहले भारत माता की जय बोला जाता है केवल जय-जय कर लगाने से सच्चाई नहीं छिपती हम सब की भारत माता के चौक की दुर्दशा अपनी जुबानी अपनी कहानी कह रही है
महापौर जी की जुबान से एक नारा बार-बार निकलता है हमने बनाया है हम ही सवारेंगे यह केवल फाइलों तक सिमट के रह गया यह नारा वस्तुत स्थिति से भिन्न नजर होता आ रहा है
स्मार्ट सिटी रायपुर राजधानी को स्मार्ट सिटी बनाने की बात करने वाली ट्रिपल इंजन की सरकार की महापौर महोदय जी चौकों की दुर्दशा हो रही है उसे और भी ध्यान दीजिए सुंदर राजधानी बनाने की परिकल्पना में शहर के प्रमुख चौक चौराहों को खूबसूरत बनाया जाता है उनमें अच्छी रोशनी होती है जिससे कोई बाहर जिलों राज्यों के व्यक्ति जब हमारी राजधानी रायपुर में आए तो वह चौक की सुंदरता देखे और समझे हर चौक का एक अपना महत्व है चौक चौराहों की ऐसी दुर्दशा समझ से परे है
हमने बनाया है हमें सवारेंगे या नारा नहीं जुमला है साफ-साफ दिख रहा है एक साल आपके कार्यकाल को हो गया है पता नहीं और रायपुर की जनता क्या-क्या देखेगी समस्या पर




