विटामिन बी शरीर को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाता है। मेटाबॉलिज्म में सुधार लाने से एनर्जी बनाए रखने और दिमाग को चुस्त दुरुस्त बनाने तक के लिए विटामिन बी कॉम्प्लेक्स बहुत जरूरी है। लेकिन पिछले कुछ सालों में लोग काफी संख्या में विटामिन बी कॉम्प्लेक्स की कमी के शिकार होने लगे हैं। खासतौर से शाकाहारी लोगों में विटामिन बी की कमी ज्यादा होती है। ऐसे में कुछ लोग बिना डॉक्टर की सलाह के ही विटामिन बी कॉम्प्लेक्स सप्लीमेंट्स लेने लगते हैं। जरूरत से ज्यादा विटामिन बी कॉम्प्लेक्स सप्लीमेंट्स फायदे की जगह नुकसान पहुंचा सकते हैं। ये कुछ अंगों के लिए घातक साबित हो सकते हैं। जानिए विटामिन बी कॉम्प्लेक्स की दवाओं के नुकसान।
विटामिन बी कॉम्प्लेक्स लेने के नुकसान
- दिल के लिए खतरनाक- विटामिन बी कॉम्प्लेक्स का एक हिस्सा विटामिन बी 3 भी है जिसे नियासिन कहते हैं। इसका ज्यादा सेवन आपके दिल की सेहत के लिए ठीक नहीं है। विटामिन बी प्रोटीन, लिपिड और कार्बोहाइड्रेट को पचाने में मदद करता है। जब ये ज्यादा हो जाए तो बैलेंस बिगड़ने लगता है। इससे दिल की धड़कम भी कम ज्यादा होने लगती है। जिससे हार्ट और लिवर को खतरा हो सकता है।
- त्वचा से जुड़ी समस्याएं- विटामिन बी के सप्लीमेंट्स या इंजेक्शन लेने से पहले स्किन टेस्ट भी करवाना जरूरी होता है। कई बार जो लोग बिना डॉक्टर की सलाह के ये सप्लीमेंट्स लेने लगते हैं उन्हें स्किन से जुड़ी समस्याएं होने लगती हैं। जिसमें त्वचा पर जलन, खुजली, फफोले, लाल चकत्ते, रैशेज और दाने पड़ने लगते हैं। कई बार सूजन भी आ जाती है।
- पाचन तंत्र पर असर- विटामिन बी ज्यादा खाने से पाचन तंत्र पर बुरा असर पड़ता है। इससे जी घबराने, मतली आने या घबराहट होने का अहसास होता है। कई बार पेट में दर्द, ऐंठन और दस्त भी हो सकते हैं। इसलिए ज्यादा विटामिन बी कॉम्प्लेक्स नहीं लेना चाहिए।
- नींद और मूड पर प्रभाव- ज्यादा विटामिन बी कॉंम्प्लेक्स आपकी नींद को कम कर सकता है। विटामिन बी की ओवरडोज के कारण ऐसा हो सकता है। वहीं इससे बेचैनी और मूड स्विंग जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के आपको ये हेल्थ सप्लीमेंट्स नहीं लेने चाहिए।
- हाथ पैर सुन्न होना- विटामिन बी कॉम्प्लेक्स की ओवरडोज के कारण तंत्रिका तंत्र भी प्रभावित होने लगता है। इससे हाथ पैरों में सुन्न होने की समस्या हो सकती है। कई बार हाथ पैरों में झनझनाहट महसूस हो सकती है। मांसपेशियों में कमजोरी और चलने फिरने में भी दिक्कत हो सकती है।


