वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को आम बजट पेश करेंगी. इससे पहले हर साल होने वाली हलवा सेरेमनी 24 जनवरी को होनी है. यह कार्यक्रम वित्त मंत्री की मौजूदगी में शुक्रवार (24 जनवरी) को शाम 5 बजे नॉर्थ ब्लॉक में आयोजित किया जाना है. आपको बता दें हर साल बजट की तैयारियों में लगे अधिकारियों की लॉक-इन प्रक्रिया शुरू होने से पहले पारंपरिक हलवा सेरेमनी का आयोजन किया जाता है. कोरोना काल के दौरान साल 2021 में हलवा सेरेमनी का आयोजन नहीं किया गया था. यह सेरेमनी वित्त मंत्रालय में बजट तैयार करने वाले अधिकारियों के लिए क्वारंटीन अवधि शुरू होने का प्रतीक मानी जाती है.
इनकम टैक्स में मिल सकती है राहत
एआई पर भी रहेगा सरकार का जोर!
इस बार के बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को बढ़ावा देने पर भी जोर रहेगा. सरकार होटल, मैन्युफैक्चरिंग और रियल एस्टेट सेक्टर को प्रोत्साहन और टैक्स में राहत दे सकती है. रेलवे, सड़क निर्माण, शहरी विकास और पावर सेक्टर पर फोकस किया जाएगा. सरकार का फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर भी रहेगा. सरकार का यह मानना है कि एआई भविष्य की तकनीक है. भारतीय कंपनियां ग्लोबल कॉम्पटीशन में बनी रहे, इसके लिए AI सेक्टर को बजट में फायदा दिया जा सकता है.
क्या है हलवा सेरेमनी?
बजट पेश होने से कुछ दिन पहले वित्त मंत्रालय में खास समारोह होता है इसे ‘हलवा सेरेमनी’ कहते हैं. इस दौरान, मंत्रालय के रसोईघर में एक बड़े बर्तन में हलवा बनाया जाता है. वित्त मंत्री खुद इस हलवे को सर्व करती हैं. इसके बाद इस हलवे को बजट बनाने में जुटे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को दिया जाता है.
क्यों जरूरी है हलवा सेरेमनी?
‘हलवा सेरेमनी’ के जरिये बजट तैयार करने की अंतिम चरण में प्रवेश करने से पहले की कड़ी मेहनत का जश्न मनाता है. इसे ‘लॉक-इन पीरियड’ की शुरुआत भी माना जाता है. यह अवधि आम बजट की गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बेहद अहम है. समारोह के बाद, बजट का मसौदा तैयार करने में शामिल सभी कर्मचारी एक ऐसी अवधि में प्रवेश करते हैं जहां उन्हें वित्त मंत्रालय, विशेष रूप से नॉर्थ ब्लॉक में एकदम अलग रखा जाता है.
नॉर्थ ब्लॉक में होती है बजट की प्रिंटिंग
अधिकारियों को लॉक-इन अवधि में रखने का कारण यह रहता है कि कोई भी जानकारी संसद में पेश होने से पहले लीक न हो. इस अधिकारियों के मोबाइल फोन भी जमा कर लिये जाते हैं और उनका परिवार या बाहरी दुनिया के साथ किसी तरह का कम्युनिकेशन नहीं रहता. लॉक-इन अवधि तब तक जारी रहती है जब तक बजट दस्तावेजों को प्रधानमंत्री से अनुमोदन नहीं मिल जाता और वे प्रिंटिंग के लिए तैयार नहीं हो जाते. बजट का प्रिंट नॉर्थ ब्लॉक के तहखाने में किया जाता है, यह एक अत्यधिक सुरक्षित क्षेत्र है.
हलवा सेरेमनी का ऐतिहासिक महत्व
हलवा सेरेमनी बजट बनाने की एक पुरानी परंपरा है. लेकिन यह कब से शुरू हुई, इस बारे में सही जानकारी नहीं है. लेकिन 1950 में बजट की कुछ बातें पहले ही लीक हो गई थीं. इसके बाद से इस समारोह का महत्व बढ़ गया. बजट छापने की जगह भी बदलकर पहले राष्ट्रपति भवन से मिंटो रोड ले जाई गई और फिर 1980 से इसे वित्त मंत्रालय के तहखाने में ही छापा जाने लगा.


