राहुल गांधी का अबर्न नक्सल से नाता: जेपी नड्डा
बुधवार को नड्डा ने कहा कि कांग्रेस की देश विरोधी गतिविधियों के बारे में पूरा देश जानता है, लेकिन राहुल गांधी ने इस कड़वी सच्चाई को सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर लिया है।
आम आदमी का भरोसा तोड़ रही कांग्रेस: भाजपा
सत्ता के लालच में कांग्रेस देश की अखंडता के साथ समझौता और आम आदमी के भरोसे को तोड़ने से बाज नहीं आती है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने राहुल गांधी के भारत से लड़ाई के बयान पर हैरानी जताई। कहा,” आखिर राहुल गांधी और कांग्रेसी किस बात के लिए संविधान की प्रति लेकर चलते हैं।”
वहीं, राहुल गांधी के भाषण के क्लिप को शेयर करते हुए भाजपा के आइटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि राहुल गांधी ने भारत के खिलाफ लड़ाई की खुली घोषणा कर दी है जो सीधे-सीधे अमेरिकी कारोबारी जार्ज सोरोस की कार्यप्रणाली का हिस्सा है।
राहुल गांधी की लड़ाई भारत से है: गौरव भाटिया
इसी तरह भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राहुल ने बयान दिया है कि उनकी लड़ाई सिर्फ भाजपा और आरएसएस से नहीं, बल्कि भारत से है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने एक अत्यंत चिंताजनक और देश के हर नागरिक को आहत करने वाला वक्तव्य दिया है।
राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष हैं और उन्होंने अन्य सांसदों की ही तरह देश की अखंडता और एकता की रक्षा करने की शपथ ली थी, लेकिन उनके द्वारा दिया गया यह वक्तव्य पूरी तरह से राष्ट्र विरोधी है। एक पार्ट टाइम, गैर जिम्मेदार और बचकाने नेता का भारत का नेता प्रतिपक्ष होना देश का दुर्भाग्य है। राहुल गांधी जार्ज सोरोस जैसी भारत विरोधी शक्तियों के मार्गदर्शन में काम कर रहे हैं।
‘यह मानसिक असंतुलन है या सोरोस टूलकिट’
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि कई बार लांच किए जा चुके राहुल गांधी को गंभीर आत्मनिरीक्षण करने की जरूरत है। पुरी ने कहा,”वह इंडियन स्टेट से कैसे लड़ सकते हैं? या तो यह मानसिक असंतुलन है या यह सोरोस टूलकिट है। लेकिन कोई भी भारतीय यह कैसे कह सकता है कि वह भारत राष्ट्र के खिलाफ है? देश विरोधी टिप्पणी करने वाले नेता को इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा।”
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि राहुल गांधी भारत राष्ट्र अर्थात भारत के संविधान यानी आंबेडकर के संविधान के खिलाफ युद्ध लड़ रहे हैं। गांधी परिवार की ‘मुंह में राम और बगल में छुरी’ वाली कहावत जनता के सामने आ गई है। आंबेडकर के अस्तित्व को नकार कर भारत के संविधान को बदलने के बाद गांधी परिवार देश का विभाजन, सोरोस के सपनों का टुकड़ों में भारत चाहता है।


