एनसीआर यानी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और उसके आसपास के शहरों में मकान की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हुई है. दिल्ली में पिछले साल आवास की कीमतें सात प्रमुख शहरों में सबसे अधिक बढ़ीं. संपत्ति परामर्श कंपनी एनारॉक ने एक रिपोर्ट में बताया कि दिल्ली-एनसीआर में इनपुट लागत में वृद्धि के कारण पिछले साल दरों में औसतन 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई.
एनारॉक के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में औसत आवासीय मूल्य में 30 प्रतिशत की उच्चतम वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है. यहां घरों की कीमत 2023 में 5,800 रुपये प्रति वर्ग फुट से 2024 में लगभग 7,550 रुपये प्रति वर्ग फुट तक की कीमत हो गई है. दिल्ली-एनसीआर में आवास की कीमतों में तीव्र वृद्धि 2024 के दौरान अधिक आपूर्ति और बिक्री में मामूली गिरावट के बावजूद हुई. भूमि और श्रम की कीमतों के साथ-साथ निर्माण लागत में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है.
एनारॉक के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल आवास बिक्री छह प्रतिशत घटकर 61,900 इकाई रह गई, जो 2023 में 65,625 इकाई थी. दिल्ली-एनसीआर में आवास संपत्तियों की ताजा आपूर्ति 2024 में 44 प्रतिशत बढ़कर 53,000 इकाई हो गई, जो 2023 में 36,735 इकाई थी.
एनारॉक के आंकड़ों से पता चला है कि कुल मिलाकर, शीर्ष सात शहरों में आवास की कीमतों में 13-30 प्रतिशत के बीच वृद्धि हुई है, जिसका मुख्य कारण इनपुट लागत में वृद्धि और घर खरीदारों की मजबूत मांग है.
टॉप-7 शहरों में 21% की वृद्धि
शीर्ष सात शहरों में औसत आवासीय मूल्य में 21 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि देखी गई, जो 7,080 रुपये प्रति वर्ग फुट से बढ़कर 8,590 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गई. एनारॉक ने सात शहरों – दिल्ली-एनसीआर, मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर), चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु और पुणे पर नजर रखती है.


