फरवरी 2024 में अपनी मांगों को लेकर यहां डेरा डालने वाले किसानों को हरियाणा सरकार ने दिल्ली कूच से पहले ही रोक दिया था, जिसके बाद से यह शंभू बॉर्डर का रास्ता पूरी तरह से बंद था। वीरवार तड़के हरियाणा की तरफ से बुलडोजर भेजे गए, जिन्होंने कंक्रीट के बैरिकेड्स हटाने का काम किया। पंजाब पुलिस पहले ही किसानों द्वारा बनाए गए अस्थायी ढांचों को हटा चुकी थी। शंभू बॉर्डर पर एक लेन से कंक्रीट व पत्थरों की बैरिकेडिंग हटाने का काम पूरा हो गया है। इसके बाद शाम साढ़े चार बजे के करीब वाहनों के गुजरने का सिलसिला भी शुरू हो गया। हालांकि पुल के ऊपर दूसरी लेन को भी खोलने के लिए तेजी से काम चल रहा है। रास्ता खुलने से 20 किमी का अतिरिक्त सफर अब नहीं करना पड़ेगा। पटियाला के एसएसपी नानक सिंह ने बताया कि पंजाब पुलिस ने कोई बल प्रयोग नहीं किया और प्रदर्शनकारी किसानों ने सहयोग किया।
अब रास्ता साफ होने के बाद जल्द ही यहां यातायात सुचारू किया जाएगा। 13 महीने बाद रास्ता खुलने की उम्मीद जगी है। किसानों के हटने के बाद शंभू-अंबाला हाइवे पर वाहनों की आवाजाही की बहाली की तैयारी है। फरवरी 2024 से विभिन्न मांगों को लेकर यहां एकत्र हुए किसानों ने इस मार्ग को पूरी तरह से बंद कर दिया था, जिससे दोनों राज्यों के बीच आवाजाही प्रभावित हो रही थी। वीरवार को हरियाणा पुलिस ने भी दोनों राज्यों की सीमा पर मुख्य हाईवे पर लगाए गए कंक्रीट के बैरिकेड्स हटा दिए और बुलडोजर की मदद से रास्ते को साफ किया जा रहा है। शाम तक मेन हाइवे की भी पूरी तरह से खुलने की उम्मीद है। पंजाब पुलिस द्वारा भी धरना स्थल पर बने अस्थायी निर्माणों को तेजी से हटवाया जा रहा है। पटियाला के एसएसपी नानक सिंह ने बताया कि सड़क को पूरी तरह से साफ किया जा रहा है।