स्मार्ट बिजली मीटर के विरोध में तेज हुआ जनआंदोलन, उपभोक्ताओं ने उठाए कई सवाल
बाबाजी न्यूज़ रायपुर –=स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर प्रदेश के कई हिस्सों में विरोध की आवाज़ें तेज होती दिखाई दे रही हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्टर और जन-जागरूकता अभियान के माध्यम से कुछ लोग स्मार्ट मीटर व्यवस्था का विरोध करते हुए इसे आम उपभोक्ताओं के हितों के खिलाफ बता रहे हैं।
विरोध करने वालों का कहना है कि स्मार्ट मीटर लागू होने के बाद बिजली बिलों में बढ़ोतरी, उपभोक्ताओं की निजता पर असर, गलत रीडिंग, डेटा के दुरुपयोग और अतिरिक्त आर्थिक बोझ जैसी समस्याओं की आशंका है। उनका कहना है कि “बिजली हमारा अधिकार है, व्यापार नहीं” और सरकार को उपभोक्ताओं की शंकाओं का समाधान करना चाहिए।
पोस्टर में लोगों से एकजुट होकर आवाज़ उठाने की अपील की गई है। इसमें यह भी कहा गया है कि यदि स्मार्ट मीटर व्यवस्था लागू की जाती है तो पहले इसकी कार्यप्रणाली, बिलिंग प्रणाली और उपभोक्ता सुरक्षा से जुड़ी सभी जानकारियाँ सार्वजनिक की जाएँ तथा लोगों की आपत्तियों पर गंभीरता से विचार किया जाए।
हालाँकि, बिजली वितरण कंपनियाँ और सरकार का पक्ष यह रहा है कि स्मार्ट मीटर से बिजली की खपत का सटीक रिकॉर्ड, पारदर्शी बिलिंग, बिजली चोरी पर नियंत्रण तथा उपभोक्ताओं को वास्तविक समय में खपत की जानकारी जैसी सुविधाएँ मिलती हैं।
स्मार्ट मीटर को लेकर जारी बहस के बीच अब लोगों की निगाहें सरकार और बिजली विभाग के अगले कदम पर टिकी हैं। उपभोक्ता संगठनों का कहना है कि किसी भी नई व्यवस्था को लागू करने से पहले जनता का विश्वास जीतना और सभी शंकाओं का समाधान करना आवश्यक है। आम जनता इस नए स्मार्ट मीटर के बोझ तले मरती ही जा रही है मध्यम परिवार के ऊपर आर्थिक बोझ से हलाकन हो चूकि है अगर जल्द निराकरण नहीं हुआ तो लगता है एक नया जन आंदोलन होगा


