बाबाजी न्यूज़ रायपुर। सिंधी समाज की आस्था और संस्कृति से जुड़ी ऐतिहासिक “सिंधु दर्शन यात्रा” के 30वें वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित प्रथम सिंधु कुंभ का भव्य आगाज़ होने जा रहा है। इसी कड़ी में रायपुर में “चलो लेह लद्दाख…30वीं सिंधु दर्शन यात्रा” का पोस्टर विमोचन किया गया, जिसमें समाज के गणमान्य नागरिकों और पदाधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम में उपस्थित सदस्यों ने पोस्टर का अनावरण करते हुए यात्रा के महत्व पर प्रकाश डाला और अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से इसमें शामिल होने का आह्वान किया। इस अवसर पर सभी ने सिंधु नदी के प्रति आस्था व्यक्त करते हुए यात्रा को राष्ट्रीय एकता, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक बताया।
आयोजन समिति के अनुसार, यह यात्रा 22 से 27 जून 2026 तक आयोजित होगी, जिसमें लेह-लद्दाख में स्थित पवित्र सिंधु नदी के दर्शन, पूजा-अर्चना और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक स्थलों और आध्यात्मिक अनुभव का अनूठा संगम मिलेगा।
यात्रा के लिए अलग-अलग मार्गों और सुविधाओं की व्यवस्था की गई है, जिसमें हवाई और सड़क मार्ग दोनों विकल्प उपलब्ध हैं। साथ ही छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ₹15,000 तक का आर्थिक अनुदान भी दिया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक लोग इस पवित्र यात्रा में शामिल हो सकें।
कार्यक्रम में मौजूद पदाधिकारियों ने बताया कि “सिंधु दर्शन यात्रा” केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, एकता और सिंधी समाज की पहचान को सशक्त बनाने का एक बड़ा मंच है।
अंत में आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से इस ऐतिहासिक प्रथम सिंधु कुंभ में भाग लेकर इसे सफल बनाने की अपील की।

हिमालय परिवार के प्रदेश अध्यक्ष श्री साकेतमिश्रा, सिंधु कुंभ यात्रा के अध्यक्ष श्री अमर गीदवानी, अनेश बजाज, राजेश गुरनानी डॉ. गजवानी, श्रीमती स्वप्निल मिश्रा, श्रीमती गायत्री केसरवानी श्याम शिवहरे, मनोज कुमार, देवराज गुरनानी व प्रेम सोनी उपस्थित रहे


