छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के श्रद्धालुओं के लिए गौरव का विषय बनते हुए इस वर्ष 30वीं सिंधु दर्शन यात्रा को “प्रथम सिंधु कुंभ” के रूप में मनाया जा रहा है। “चलो लेह लद्दाख” के उद्घोष के साथ यह भव्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन 22 जून से 27 जून 2026 तक आयोजित होगा, जिसमें देशभर से हजारों श्रद्धालु भाग लेंगे।
इस ऐतिहासिक यात्रा का उद्देश्य सिंधु नदी के प्रति आस्था प्रकट करना, भारतीय संस्कृति को सुदृढ़ करना और राष्ट्रीय एकता का संदेश देना है। सिंधु दर्शन यात्रा के दौरान श्रद्धालु सिंधु स्नान, सिंधु पूजा (बहराणा साहिब) सहित प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर लेह-लद्दाख के अद्भुत स्थलों का दर्शन करेंगे।
✨ यात्रा की विशेषताएं:
️ विश्व की ऊँची पहाड़ियों, बर्फीली घाटियों और रमणीय वादियों का अनुभव
️ दुनिया की सबसे ऊँची सड़कों पर यात्रा का रोमांच
धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक एकता का संगम
पवित्र सिंधु नदी के तट पर विशेष पूजा-अर्चना
यात्रा के प्रमुख मार्ग:
SD1 (हवाई मार्ग): रायपुर – दिल्ली – लेह – दिल्ली – रायपुर
SD2 (सड़क मार्ग): कुरुक्षेत्र – मनाली – केलांग – लेह – कारगिल – श्रीनगर – जम्मू
SD3: जम्मू – श्रीनगर – कारगिल – लेह – केलांग – मनाली – कुरुक्षेत्र
SD4: जम्मू – श्रीनगर – कारगिल – लेह – जम्मू
सहयोग राशि:
हवाई यात्रा: ₹22,000 (हवाई टिकट अलग)
सड़क मार्ग: ₹30,000
विशेष सुविधा:
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ₹15,000 तक का आर्थिक अनुदान (पहले आओ, पहले पाओ) दिया जा रहा है।
इस भव्य आयोजन के मार्गदर्शक एवं प्रमुख अतिथियों में कई गणमान्य संत, जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता शामिल होंगे, जो इस यात्रा को और भी विशेष बनाएंगे।
आयोजक हिमालय परिवार (छत्तीसगढ़ इकाई) ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से इस ऐतिहासिक “सिंधु कुंभ” में भाग लेने की अपील की है।
यह आयोजन न केवल आस्था का पर्व है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकता और गौरव का प्रतीक भी है।
यात्रा की अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें —
साकेत मिश्रा 9826123222
अमर गीदवानी 8962291000



